नेता नुसरत के निराले अंदाज, विवाद पर दिया बेवाकी बयान

अभिनत्री नुसरत जहां पश्चिम बंगाल से पहली बार चुनाव लड़ी. जीत मिली. सांसद बनी. सामाजिक कामकाज की शुरूआत करने के साथ-साथ अपनी जिंदगी एक और नई धमाकेदार शुरूआत जैन समुदाय बिजनेसमैन बॉयफ्रैंड निखिल जैन के साथ तुर्की में शादी रचाकर की. चार जुलाई को उन्होंने रिसेप्शन पार्टी दी, जिसमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से लेकर उनकी सांसद मित्र मिमी चक्रवर्ती के अलावा कई सीलेब्रेटी शामिल हुए.
नुसरत ने अपनी खुशियों को दोनों हाथों उछालते हुए रिसेप्शन की प्यारी से तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट के साथ पति को संबांधित करते हुए लिखा- जब भी आंखें बंद करती हूं मैं देखती हूं कि तुम्हारे प्यार की रोशनी से मेरा दिल भर गया है. ये दुनिया के सबसे बेहतरीन खुशी में से है. तुमने मेरी जिंदगी बदल दी. तुम मुझे पूरा करते हो, मैं तुम्हारे साथ खुद को और ज्यादा महसूस करती हूं.

नुसरत जहां लोकसभा चुनाव जीतने के दिन से ही लोगों की जुबान पर है. सांसद बनने की खुशी को दर्शाते हुए संसद परिसर में जाकर सेल्फी लेने पर सोशल मीडिया में ट्रोल होने से लेकर सिंदूर लगाने पर फतवा जरिए किए जाने तक के विवादों में खूब चर्चा हुई. इसका नुसरत ने करारा जवाब भी दिया. वह न केवल कोलकाता के इस्कॉन मेंदिर में पूजा अर्चना की, बल्कि जगन्नाथ रथ यात्रा में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने का आमंत्रण भी स्वीकार किया. फतवा जारी होने के विवाद पर कहा कि वह पैदाइशी मुसलमान हैं और इस्लाम में विश्वास रखती हैं, इसी के साथ उन्होंने ये भी कहा कि वह हर धर्म का सम्मान करती हैं.
नुसरत जहां की शादी के बाद से ही काफी विवादों में रही हैं. वह खुद मुस्लिम हैं और उन्होंने जैन रीति रिवाज के साथ शादी की थी. इसके अलावा जब वह सांसद चुने जाने के बाद संसद में शपथ लेने पहुंचीं तब भी काफी सुर्खियां बटोरीं. नुसरत जहां लाल चूड़ा डाल, माथे पर सिंदूर लगा संसद में शपथ लेने पहुंची थीं. उन्होंने तो सद्भावना का संदेश दिया, लेकिन कुछ लोगों को ये पसंद नहीं आया था. कुछ मौलवियों ने नुसरत जहां के खिलाफ फतवा जारी कर दिया था, लेकिन उन्होंने इस बात का भी मुंहतोड़ जवाब दिया
उल्लेखनीय है कि बंगाल में लोकसभा चुनाव के वक्त से ही धर्म को लेकर राजनीति काफी तेज हो गई है. एक तरफ जहां ममता बनर्जी भारतीय जनता पार्टी पर हिंदू तुष्टिकरण का आरोप लगा रही हैं तो वहीं बीजेपी ममता बनर्जी पर मुस्लिम तुष्टिकरण का आरोप लगा रही है. कई बार राज्य में जय श्री राम के नारों को लेकर भी विवाद हो चुका है.

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